अवैध कॉलोनी पर चलाया बुलडोजर, सड़कें व डीपीसी तोड़ी, प्रॉपर्टी भी हो सकती है सील
Sirsa News: सिरसा शहर के खैरपुर क्षेत्र में अवैध रूप से स्थापित हो रही कॉलोनी पर जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से एक्शन लिया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर कॉलोनी में निर्मित हो रहे ढांचों पर बुल्डोजर चलवा दिया। इस दौरान विभाग की एनफोर्समेंट टीम भी साथ थी। किसी ने इसका विरोध नहीं किया।
जिला नगर योजनाकार विभाग ने सर्वे करवाया था। उन्होंने ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार की जो विभाग से बिना मंजूरी के स्थापित की जा रही है। विभाग को पता चला कि खैरपुर के रकबे में पड़ने वाली जगह में लोगों द्वारा कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर अवैध कॉलोनी बसाई जा रही है। कंगनपुर फाटक के आस-पास उक्त क्षेत्र आबाद हो रहा था। ऐसे में विभाग की ओर से अधिकारियों की टीम बनाकर भेजी गई। वर्ष 2024 के फरवरी-मार्च में नोटिस भी जारी किए गए थे। इसके बाद एक बार हालांकि कार्रवाई रुक गई थी लेकिन अब फिर गतिविधियां शुरू हो गई।
दल-बल के साथ पहुंचे अधिकारी
नगर योजनाकार कर्मवीर झाझड़िया ने एक टीम का गठन किया। टीम को मौके पर भेजा गया। उक्त टीम ने कंगनपुर फाटक के पास पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। अवैध कॉलोनी में हो रहे निर्माण, कच्ची सड़कें और बिजली के पोल भी बुल्डोजर की सहायता से गिरवा दिए। करीब डेढ़ एकड़ में स्थापित हो रही कॉलोनी के लोगों को चेतावनी दी गई कि यदि अब भी गतिविधियां नहीं रोकी तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।
विभाग लिख चुका तहसीलदार को पत्र
इससे पहले भी विभाग की ओर से कई अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। सिरसा के केलनियां रोड, शमशाबाद पट्टी, मिल्क प्लॉट के पास, बेगू रोड पर खाजाखेड़ा के एरिया सहित अन्य आसपास के क्षेत्र में भी कार्रवाई की जा चुकी है। इतना ही नहीं, रानियां और ऐलनाबाद सहित डबवाली में भी स्थापित हो रही अवैध कॉलोनियों पर एक्शन लिया गया है। इसके अलावा कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी करवाई जा रही है। अवैध कॉलोनी में कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी बेच न सके, इसके लिए संबंधित तहसीलदार को पत्र भी लिखा गया है और प्रॉपर्टी लॉक करवाई जा रही है। ताकि खरीद-बेच की गतिविधियों को रोका जा सके।
मंजूरी लेकर ही स्थापित करें कॉलोनी
कर्मवीर झाझड़िया, डीटीपी, सिरसा ने कहा कि देखिए, बिना मंजूरी स्थापित होने वाली कॉलोनी अवैध है। इसलिए कॉलोनी स्थापित करनी है तो विभाग से मंजूरी लेनी जरूरी है। लेकिन आमजन को कई बार पता नहीं होता। इसलिए कोई भी व्यक्ति प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कार्यालय आकर पता कर सकता कि कॉलोनी वैध है या अवैध। ताकि सस्ते के चक्कर में अपनी पूंजी बर्बाद न करें।
