Jind News: जींद में मनोहरपुर, संडील व दनौदा कलां के सब स्टेशनों की बढ़ेगी क्षमता, 30 गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
Jind News: जींद जिले के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में बिजली निगम ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के मनोहरपुर, संडील और दनौदा कलां स्थित 33 केवी सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 5.88 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। क्षमता वृद्धि के बाद इन सब स्टेशनों से जुड़े करीब 30 गांवों के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही ओवरलोड व बिजली कटों की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। बिजली निगम ने बढ़ते लोड को देखते हुए सब स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना - तैयार की है। क्षेत्र में घरेलू, - व्यावसायिक और कृषि कनेक्शनों की संख्या - लगातार बढ़ रही है। खासकर खेती के लिए लगे ट्यूबवेल कनेक्शनों के - कारण सब स्टेशनों पर लोड क्षमता से अधिक पहुंच चुका था।
इस प्रकार बढ़ेगी क्षमता
मनोहरपुर सब स्टेशन पर फिलहाल दो ट्रांसफार्मर 8-8 एमवीए क्षमता के लगे हुए हैं। अब यहां तीन ट्रांसफार्मर 10-10 एमवीए क्षमता के लगाए जाएंगे। इस पर करीब 2.63 करोड़ रुपए खर्च होंगे। क्षमता बढ़ने से मनोहरपुर और आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर हो सकेगी। संडील सब स्टेशन पर वर्तमान में 10 एमवीए का एक ट्रांसफार्मर लगा है, लेकिन बढ़ते लोड को देखते हुए यहां एक और 10 एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इससे क्षेत्र में ट्रिपिंग और बार-बार फॉल्ट की समस्या में कमी आएगी। दनौदा कलां सब स्टेशन पर पहले से 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित था। अब यहां 10 एमवीए के साथ 8 एमवीए क्षमता का एक और ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
क्षमता बढ़ने के बाद खेतों की लाइन में वोल्टेज रहेगी बेहतर
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने पर इन तीनों सब स्टेशनों पर लोड काफी अधिक हो जाता था। कई बार ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर ट्रिप कर जाते थे, जिससे ग्रामीण और आसपास के शहरी इलाकों में बार-बार बिजली कट लगते थे। खासकर रात के समय वोल्टेज कम होने की समस्या आम थी। इसके कारण घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। क्षेत्र में कम वोल्टेज के कारण खेतों में लगे ट्यूबवेल ठीक से नहीं चल पाते थे। इससे किसानों को सिंचाई में दिक्कत आती थी और फसलों पर भी असर पड़ता था। क्षमता बढ़ने के बाद खेतों की लाइन में वोल्टेज बेहतर रहेगी, जिससे ट्यूबवेल सुचारू रूप से चल सकेंगे।
गर्मी में उपभोक्ताओं को नहीं होगी कोई परेशानी
जहां भी आवश्यकता महसूस होती है, वहां सुधार किए जाते हैं। फिलहाल इन तीनों 33 केवी सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है, ताकि गर्मी के दिनों में उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। जिले के तीन 33 केवी सब स्टेशनों रसीदां, मंगलपुर और गुरुसर की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी किया जा रहा है। इस पर करीब सात करोड़ की लागत आएगी। - मदन लाल सुखीजा, एसई, बिजली निगम, जींद।
किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी
यह योजना सिर्फ ट्रांसफार्मर बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी सीधे जुड़ी है। क्षमता बढ़ने से किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी, जिससे फसल उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं, घरेलू और छोटे उद्योगों को भी स्थिर बिजली मिलेगी। खास बात यह है कि यह काम तकनीकी सर्वे के आधार पर किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है।
