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Family ID: हरियाणा के जींद जिले में फैमिली आईडी का खेल; 11 माह में कटे 40 हजार से अधिक राशन कार्ड

फैमिली आईडी में 1.80 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आमदनी होने पर एएवाई व बीपीएल सूची से नाम हट रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों की गलती से भी आमदनी ज्यादा दिखाई जा रही है, जिसका खामियाजा उन्हें राशन न मिलने से भुगतना पड़ रहा है। जबकि कुछ लोगों की आमदनी ज्यादा होने पर भी फैमिली आईडी में कम दिखाई हुई है, जिससे वे गरीब बनकर सस्ते राशन का लाभ ले रहे हैं। विडंबना यह है कि कुछ पात्र भी अयोग्य घोषित किए गए हैं।
 
FAMILY ID NEWS HARYANA

Jind News: फैमिली आईडी अपडेट होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अगर फैमिली आईडी में किसी भी परिवार सदस्य के नाम अगर शहर में 100 गज का प्लॉट, गांव में 200 गज का प्लॉट है तो भी वह बीपीएल सूची से बाहर हो रहा है। घर में गाड़ी, सालाना 30 हजार रुपए से अधिक बिल आना व फसल बेचने व अन्य मदों से खाते में लाखों रुपए की ट्रांजेक्शन हो गई तो भी गुलाबी व पीला राशन कार्ड कट जाएगा। इस तरह से वर्ष 2025 के 11 माह में करीब 40 हजार 354 उपभोक्ता डिपो पर राशन मिलने की सुविधा से वंचित हो गए हैं। राशन कार्ड लेने के लिए अब उपभोक्ता सीएससी पर जाकर इनकम कम करवाने की जद्दोजहद में लगे हैं। वहीं कभी क्रीड कार्यालय तो कभी फूड सप्लाई विभाग के पास राशन कार्ड कटने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

पात्र लोग भी बीपीएल राशन की लिस्ट से बाहर

फैमिली आईडी में 1.80 लाख रुपए से अधिक वार्षिक आमदनी होने पर एएवाई व बीपीएल सूची से नाम हट रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों की गलती से भी आमदनी ज्यादा दिखाई जा रही है, जिसका खामियाजा उन्हें राशन न मिलने से भुगतना पड़ रहा है। जबकि कुछ लोगों की आमदनी ज्यादा होने पर भी फैमिली आईडी में कम दिखाई हुई है, जिससे वे गरीब बनकर सस्ते राशन का लाभ ले रहे हैं। विडंबना यह है कि कुछ पात्र भी अयोग्य घोषित किए गए हैं।

अधिक आमदनी होने पर ऑटामैटिक राशन कार्ड कटे

सौरभ चोयल, डीएफएससी, जींद ने बताया कि फैमिली आईडी में अपडेट होने पर अधिक आमदनी होने पर ऑटामैटिक राशन कार्ड कटते हैं। विभाग के पास भी रोजाना राशन कटने की शिकायत लेकर उपभोक्ता पहुंचते हैं लेकिन वे राशन कार्ड अपने स्तर पर नहीं बनवा सकते। परिवार पहचान पत्र के अनुसार जो भी पात्र है वह ऑटोमैटिक ही बीपीएल की श्रेणी में आ जाता है। फैमिली आईडी के हिसाब से ही पिछले समय से हजारों की संख्या में राशन कार्ड कम हुए कम हुए हैं।