Jind News: जींद शहर में 10 से ज्यादा कॉलोनियों में छतों के ऊपर से जा रहे हाईटेंशन तार, हादसे का रहता है डर
Jind News: जींद शहर में हाईटेंशन बिजली की लाइनें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। शहर की करीब 10 से अधिक रिहायशी कॉलोनियों के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइनों से न सिर्फ नियमों की अनदेखी कर रही हैं, बल्कि कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं। कई कॉलोनियों में हालात ऐसे हैं कि मकानों की छतों और बालकनियों के पास से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में बिजली के तारों का पूरा जाल बना हुआ है। जगह-जगह ढीले तार और मकानों से सटी एचटी लाइनें हर समय जान का खतरा बनी हुई हैं। बच्चों का छतों पर खेलना, कपड़े सुखाना या निर्माण कार्य कराना तक मुश्किल हो गया है। लोग हर वक्त अनहोनी के डर में जी रहे हैं।
इन कॉलोनियों से गुजर रहे तार
शहर में श्याम नगर, राज नगर, सोमनाथ गोशाला के पास स्थित कॉलोनी, अपोलो रोड सहित अन्य कॉलोनियों में हाईटेंशन तारें गुजर रहे हैं। बीते समय में हाई टेंशन तारों की चपेट में आने से कई हादसे भी हो चुके हैं। कहीं मकान निर्माण के दौरान मजदूर को करंट लगा, तो कहीं छत पर काम कर रहे व्यक्ति की जान चली गई। कुछ मामलों में आग लगने से घर का सामान जलकर राख हो गया, वहीं कई लोग गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। इन घटनाओं के बाद भी समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया।
बरसात के मौसम में बढ़ता है खतरा
स्थानीय निवासी विक्रम, राजेश कुमार, बलविंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर बिजली निगम और प्रशासन को कई बार शिकायत दी, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन लाइनों को शिफ्ट नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। खासकर बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है, जब खुले तारों में करंट फैलने की आशंका बनी रहती है।
कब-कब हुए हादसे
वर्ष 2019 में नहर के पास सोलगर कॉलोनी में 9 वर्षीय मुकेश बिजली का करंट लगने से झुलस गया था। झुलसे बच्चे का कई दिन पीजीआई रोहतक में उपचार चला था। जुलाई 2021 में एचटी लाइन की चपेट में आने से कालवा गांव के किसान सुखविंद्र की मौत हो गई थी।
सितंबर 2021 मलार गांव में एचटी लाइन से तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो घायल हो गए थे। मृतक पानीपत जिले के रहने वाले थे। पांच महीने पहले राजनगर में अहिरका गांव के 16 वर्षीय भांजे यश, विकास और उनका मामा राजेंद्र तारों की चपेट में आ गए थे। 27 नवंबर को श्याम नगर में 13 वर्षीय किशोर भी खेलते समय हाईटेंशन तारों की चपेट में आ गई थी, जिससे उसका शरीर जलकर जल गया था।
मदन लाल सुखीजा, एसई, बिजली निगम, जींद ने कहा कि शहर में जहां-जहां हाईटेंशन लाइनें में रिहायशी रिहायशी इलाकों इलाकों के के ऊपर ऊपर से से गु गुजर रही हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट किया जा रहा है। जहां से उनको शिकायत मिलती है वहां पर सर्वे कराकर उनको शिफ्ट किया जाता है। लोगों की सुरक्षा निगम की प्राथमिकता है।
