Movie prime

Sirsa Weather Report: 4 दिनों से न्यूनतम पारा 4 डिग्री पर स्थिर, पाला जमने से फसलों की बढ़वार रुकी, आज निकली धूप 

सिरसा जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार बना हुआ है। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है, मौसम में ठिठुरन बढ़ने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। आज रविवार की सुबह और शनिवार सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पाले की मार फसलों पर भी साफ दिखाई देने लगी है। वहीं आज रविवार को धूप निकलने से फसलों को कुछ राहत मिली है। 
 
Minimum temperature remained steady 4 degrees Celsius in sirsa

Sirsa News: सिरसा जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार बना हुआ है। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है, मौसम में ठिठुरन बढ़ने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। आज रविवार की सुबह और शनिवार सुबह घनी धुंध के कारण दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पाले की मार फसलों पर भी साफ दिखाई देने लगी है। वहीं आज रविवार को धूप निकलने से फसलों को कुछ राहत मिली है। 

खासकर सब्जियों जैसे आलू, मिर्च, बेलनुमा खरबूजा और तरबूज की खेती करने वाले किसान अधिक चिंतित हैं, क्योंकि इन फसलों की बढ़वार रुक गई है। इसी बीच कृषि विज्ञान केंद्र की टीम, जिसमें कोऑर्डिनेटर डॉ. देवेंद्र जाखड़ और कृषि विशेषज्ञ डॉ. विनीता राजपूत शामिल थे। उन्होंने गांव रूपाणा, लुधेसर, रंधावा, बेगू, फरवाई, बरूवाली, झोरड़नाली व संगर फरिश्तां के खेतों का दौरा किया। उन्होंने किसानों को आलू, मिर्च, गेहूं, सरसों और बेलनुमा फसलों को पाले से बचाने के उपाय बताए। डॉ. विनीता राजपूत ने बताया कि कोल्ड डे की एडवाइजरी जारी हो चुकी है। इसी बीच फसलों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। 

हालांकि आज सिरसा, फतेहाबाद, हिसार सहित विभिन्न जिलों में दिन में तेज धूप निकलने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। आज सुबह घने कोहरे की वजह से वाहनों भी रेंगते हुए दिखाई दिए। तेज धूप निकलने बावजूद चल रही शीतलहर के कारण लोग आज भी कंपकंपाते नजर आए।

कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित, फसलों की नियमित निगरानी जरुरी

शीत हवाओं और और लगातार गिरते तापमान के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शनिवार को सुबह घनी धुंध छाई रही और दोपहर तक शीत हवाएं चलती रहीं। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि अगर इसी तरह पाला लंबे समय तक पड़ता रहा तो फसलों को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए फसलों की नियमित निगरानी जरूरी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 13 जनवरी तक हरियाणा में मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है।