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Sirsa News: सिरसा बना गैस चैंबर, 428 पहुंचा एक्यूआई, स्मॉग बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी 

जिले में स्मॉग बढ़ने से निजी व सरकारी अस्पतालों में आंखों की मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है। आम दिनों की भांति सरकारी अस्पताल में ओपीडी 60 से बढ़कर 90 तक पहुंच गई है। जबकि निजी अस्पतालों में आंखों में जलन, पानी आना या खुजली से लाल होना के मरीज बढ़ गए हैं। डॉ. विवेक गगनेजा ने बताया कि स्मॉग से आंखों को बचाकर रखना चाहिए।
 
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Sirsa Weather Report: हरियाणा प्रदेश का सिरसा जिला इन दोनों गैस का चैंबर बना हुआ है। जिले में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण से अब लोगों का स्वास्थ्य भी खराब होने लगा है। आंखों में जलन, गले में खराश। न मार्निंग वाक न शाम की सैर। लोग घरों में कैद होने लगे हैं। प्रदूषण की यह हर साल की कहानी है। नंवबर से लेकर जनवरी तक सिरसा गैस चैंबर बन जाता है। मंगलवार को अधिकतम एयर क्वालिटी इंडेक्स 428 दर्ज किया गया। सड़क पर पानी का छिड़काव, वाहनों पर जुर्माना और निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक को ही उपाय मान लिया जाता है।

प्रदूषण के कारण फेंफड़ों का बुरा हाल तो है ही। लेकिन अब आंखें भी बेहाल हैं। प्रदूषण के कारण आंखों में दर्द, आंखों से पानी आना, खुजली और किसी बाहरी चीज का अहसास जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ गई है। जहरीली हवा इन दिनों आंखों के लिए भी खतरा बनी हुई है। फेफड़ों की तरह अब आंखें भी प्रदूषण की सीधी मार झेल रही हैं। जिले में प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। स्मॉग की चादर सुबह और शाम को फैलने लगी है। आंख, सांस और फेफड़े संबंधित बीमारियों से ग्रस्त लोगों को चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। बता दें कि सामान्यतः एयर क्वालिटी इंडेक्स 0 से 50 के बीच ही होना चाहिए, लेकिन यह 400 के पार पहुंचने लगा है। आने वाले दिनों में और दिक्कत होंगी। ऐसा ही रहा तो सेहत के लिए यह खतरनाक होगा। मंगलवार को सुबह से ही वातावरण में स्मॉग फैला रहा। सूरज निकलने के बाद भी दृश्यता कम ही रही।

निजी व सरकारी अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी

जिले में स्मॉग बढ़ने से निजी व सरकारी अस्पतालों में आंखों की मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है। आम दिनों की भांति सरकारी अस्पताल में ओपीडी 60 से बढ़कर 90 तक पहुंच गई है। जबकि निजी अस्पतालों में आंखों में जलन, पानी आना या खुजली से लाल होना के मरीज बढ़ गए हैं। डॉ. विवेक गगनेजा ने बताया कि स्मॉग से आंखों को बचाकर रखना चाहिए। जलन होने या लाल होने पर तुरंत चिकित्सक से मिलें। इसके अलावा स्मॉग में कम ही घर से बाहर निकलें। उधर, सांस के मरीजों की संख्या भी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। डॉक्टरों ने बताया कि स्मॉग से खांसी, गले और छाती में संक्रमण आदि बीमारियां हो सकती हैं। जिन लोगों को अस्थमा है उनके लिए यह काफी खतरनाक है। ऐसे लोगों को स्मॉग के दौरान घर से निकलने से बचना चाहिए। (Sirsa News)