जींद में 6 दिन बाद दिखाई दिया सूरज, धुंध और शीतलहर से आमजन परेशान, अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट
Jind Weather: जींद जिले में आज 6 दिन बाद सूर्य देवता के दर्शन होने से लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली है। पिछले 6 दिन से लगातार धुंध और कोहरे के साथ शीतलहर ने लोगों के जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। बता दें कि कल रविवार को सुबह से ही धूप नहीं निकली और आसमान में घने बादल छाए रहे। बीते छह दिनों से लगातार धूप न निकलने के कारण सर्दी का असर और तेज हो गया है। दिनभर ठंडी हवा चलती रही, जिससे आमजन को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा।
मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन प्रभावित होता नजर आया। बाजारों में रौनक कम रही, वहीं लोग जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और यह 9.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान में भी 2.7 डिग्री की गिरावट आई है, जो 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई इस गिरावट के कारण सुबह और शाम के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है।
ठंड का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों पर देखने को मिल रहा है। सुबह के समय बाइक व स्कूटी से निकलने वाले लोगों के हाथ-पैर ठंड से सुत्र हो जाते हैं। बुजुर्गों को भी खास दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। किसान वर्ग भी मौसम को लेकर चिंतित है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि धूप नहीं निकली तो सरसों और गेहूं की फसल पर नमी का प्रभाव पड़ सकता है।
शीतलहर के चलते ठंड जिले में बढ़ी
शीतलहर के चलते एकाएक ठंड में बढ़ोतरी हो गई है। दो दिन से आसमान पर बादल छाए रहने के कारण सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो सके। खासकर छोटे बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए लोग घरों में दुबके रहे। हालांकि फसलों के लिए धुंध लाभकारी मानी जा रही है। अधिक सर्दी व कोहरे में गेहूं के पौधे फुट करने के साथ ही पैदावार बढ़ने में सहायक सिद्ध होती है। लगातार अगले माह तक ठंड रहने से गेहूं का उत्पादन में भी बढ़ोतरी हो सकेगी।
