प्रॉपर्टी आईडी मामले में नपा सचिव सहित तीन अधिकारी चार्जशीट, कमेटी से कराई प्रॉपर्टी आईडी की जांच
Sonipat News: सोनीपत नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी बनाने में बढ़े स्तर पर खेल चल रहा था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रॉपर्टी आईडी की जांच बड़ा मामले का खुलासा हुआ है। जिसके बाद विभाग सख्त रवैया अपनाते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहा है। तीन अधिकारियों को सस्पेंड किए जाने के बाद विभाग ने तीन अधिकारियों को भी चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। चार्जशीट होने वाले अधिकारियों में नगर पालिका कुंडली के सचिव पवित्र गुलिया, नगर निगम सोनीपत में कार्यरत एटीपी अमित और एसडीओ मंजीत दहिया शामिल है। वहीं, अभी कुछ कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
विभाग ने 2020 से मार्च 2025 तक बनी प्रॉपर्टी आईडी की जांच कराने के लिए कमेटी गठित की थी। जांच में पाया कि कुछ प्रॉपर्टी गलत ढंग से बनाई गई। अनप्रूवड एरिया में भी प्रॉपर्टी आईडी बना दी गई, जिसके आधार पर इन - कॉलोनियों में खरीद फरोख्त बढ़ी। कुछ लोगों ने प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली। वहीं कुछ प्रॉपर्टी आईडी में छेड़छाड़ भी मिली है। गौरतलब है कि नगर निगम ने कंपनी से वर्ष 2019 में प्रॉपर्टी का सर्वे किया है। उस समय करीब 1.40 लाख प्रॉपर्टी आईडी थी। वर्ष 2022 में एजेंसी ने सर्वे पूरा कर रिकार्ड निगम को सौंपा दिया था। जिसके अनुसार प्रॉपर्टी आईडी की संख्या बढ़कर 1.70 लाख हो गई। अब निगम क्षेत्र में करीब 1.98 लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। इस हिसाब से छह सालों में ही 58 हजार प्रॉपर्टी बढ़ गई।
एक जनवरी को तीन अधिकारी किए थे सस्पेंड
निगम शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने शिकायतें मिलने के बाद वर्ष 2020 से मार्च 2025 तक बनी प्रॉपर्टी आईडी की जांच कराने का निर्णय लिया। विभाग ने नगर निगम पानीपत के आयुक्त पंकज कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी को दो महीने में जांच पूरी करके रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए थे। जांच पूरी होने के पिछले ही दिनों कमेटी ने रिपोर्ट मुख्यालय भेजी थी। जिसके आधार पर विभाग ने एक जनवरी को जेडटीओ राजेंद्र चुघ, एसडीओ अभिषेक और तत्कालीन जेई नवरत्न को सस्पेंड किया गया था।
प्रॉपर्टी आईडी पर दिखाया दूसरे क्षेत्र का प्लॉट
कुछ लोगों की शिकायतें है कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी पर अन्य व्यक्ति का प्लाट दिखाया गया है। उनकी प्रॉपर्टी आईडी पर व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्री भी करा ली। जबकि उन्होंने अपना मकान नहीं बेचा है और वे उसी मकान में रह रहे हैं। लोग प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। जांच में प्रॉपर्टी आईडी बनाने में गड़बडियां मिलने पर इस तरह की शिकायतें बढ़ रही है। लोगों का आरोप है कि मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। हर्षित कुमार, आयुक्त, नगर निगम, सोनीपत ने बताया कि मुख्यालय ने तीन अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। प्रॉपर्टी आईडी की जांच मुख्यालय द्वारा कराई गई थी।
