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हरियाणा की बेटी निलम गहलावत ने सपनों को दिया आकार, चुनौतियों को बनाया सफलता आधार बनाकर बनी महिलाओं के लिए मिसाल 

हरियाणा की बेटी निलम गहलावत ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और वर्ष 2001 में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की। इससे पहले ही, 1999 में उनका चयन एक रेडियो स्टेशन में परमानेंट अनाउंसर के रूप में हो चुका था, जो उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा को दर्शाता है। हालांकि, पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनके पिता नहीं चाहते थे कि वे नौकरी करें, इसलिए उन्होंने परिवार की इच्छाओं का सम्मान किया।
 
Neelam gehlawat from jind success story
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Haryana Line Women Success Story: हरियाणा की बेटी निलम गहलावत ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और वर्ष 2001 में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की। इससे पहले ही, 1999 में उनका चयन एक रेडियो स्टेशन में परमानेंट अनाउंसर के रूप में हो चुका था, जो उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा को दर्शाता है। हालांकि, पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनके पिता नहीं चाहते थे कि वे नौकरी करें, इसलिए उन्होंने परिवार की इच्छाओं का सम्मान किया।

संघर्ष से हुई थी निलम की शुरूआत

वर्ष 2008 की आर्थिक मंदी ने उनकी सोच को नई दिशा दी। यही वह समय था जब उन्होंने तय किया कि अब उन्हें अपने दम पर कुछ बड़ा करना है। उन्होंने ऑटो इंडस्ट्री जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखने का साहसिक निर्णय लिया। साल 2011 से 2018 तक उन्होंने एक बुटीक व्यवसाय शुरू किया। लगभग 26-27 लाख के निवेश से शुरू हुए इस व्यवसाय ने 2.5 से 3 करोड़ तक का टर्नओवर हासिल किया। यह उनकी मेहनत और व्यावसायिक समझ का पहला बड़ा प्रमाण था।

ऑटो इंडस्ट्री में मिली नई पहचान

जुलाई 2018 में उन्होंने मात्र 3.5 लाख के निवेश के साथ एम्पियर की डीलरशिप शुरू की। यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। पहले ही महीने में 80 से अधिक गाड़ियों की बिक्री ने उनकी सफलता की नींव मजबूत कर दी। 2020 में उन्होंने सहारा और टुनवाल जैसे ब्रांड्स की डिस्ट्रीब्यूशन ली और धीरे-धीरे अपना नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला दिया। आज उनके पास 94 स्टोर्स का एक मजबूत नेटवर्क है। आज उनका व्यवसाय करोड़ों के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। वे एक जिम्मेदार करदाता (IIR payer) हैं, जो उनकी ईमानदारी और प्रोफेशनल सोच को दर्शाता है। उन्होंने टीजी ई-मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के रूप में एक नई कंपनी की भी शुरुआत की है, जो लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों और पर्यावरण-अनुकूल यातायात की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए डीलर और रिटेलर बड़ी संख्या में हमसे जुड़ रहे हैं। हमारा उद्देश्य इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को अधिक से अधिक ग्राहकों तक सुलभ, किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण-हितैषी विकल्प के रूप में पहुंचाना है। आज पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के दौर में तूनवाल इलेक्ट्रिक स्कूटी आम लोगों के लिए एक बेहतर और किफायती समाधान बनकर इलेक्ट्रिक कंपोनेंट्स के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

पति विजयवार गहलावत का मिला मजबूत समर्थन

उनकी सफलता के रास्ते में "मेल ईगो" एक बड़ी चुनौती रही, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस पूरे सफर में उनके पति श्री विजयवार गहलावत जी ने एक मजबूत सहारे की तरह उनका साथ दिया- चाहे घर की जिम्मेदारियां हों या बिजनेस के फैसले, हर कदम पर उनका सहयोग रहा। उनका मानना है "नेचर ही सब कुछ है। अगर हम प्रकृति को सुधारेंगे, तो सब कुछ अपने आप बेहतर हो जाएगा।" इसी सोच के साथ उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को चुना, जो पर्यावरण के अनुकूल और भविष्य की जरूरत है। उनका अगला लक्ष्य अपनी कंपनी को 200 करोड़ के टर्नओवर तक पहुंचाना है। उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प को देखते हुए यह लक्ष्य भी जल्द ही हासिल होता नजर आता है।